CBSE CLASS 9 HINDI SANCHAYAN (संचयन)
CHAPTER-1 HAMID KHAN (हामिद खाँ)
EXCERCISE QUESTIONS AND ANSWERS
1. लेखक का परिचय हामिद खाँ से किन परिस्थितियों में हुआ?
उत्तर - लेखक भारत के रहने वाले थे | एक रोज वह गर्मियों में तक्षिला के खंडहर देखने गए थे | तेज कड़कड़ाती धूप और भूख – प्यास के मारे लेखक का बुरा हाल था | रेलवे स्टेशन से करीब पौन मिल की दूरी पर एक गाँव की ओर चल दिए | वहाँ की फैली गलियों से भरा तंग बाज़ार में लेखक खाने के लिए होटल ढूंढने लगे अचानक एक दुकान नज़र आई जहाँ चपातियाँ सेंकी जा रही थी, जिसकी खुशबू से लेखक उस दुकान की ओर खींचे चले गए | वहीं लेखक का परिचय हामिद खाँ से हुआ, जो वह रोटियाँ बना रहा था और वह उसके अब्बा जान की दुकान थी | हामिद खाँ पाकिस्तान का रहने वाला मुस्लिम था और लेखक भारत के एक हिन्दू, पर दोनों ही एक – दूसरे से बहुत प्रभावित हुए | लेखक ने हामिद खाँ को बताया कि भारत में जहाँ वह रहते हैं, वहाँ हिन्दू – मुस्लिम कितने प्रेम से रहते हैं | हामिद खाँ ने लेखक की मेहमान नवाज़ी में कोई कसर नहीं छोड़ी और न ही उनसे खाने के पैसे लिए |
2. “काश मैं आपके मुल्क में आकर यह सब अपनी आँखों से देख सकता |” – हामिद ने ऐसा क्यों कहा?
उत्तर - जब लेखक ने हामिद खाँ को बताया कि वह भारत से हैं और हिन्दू हैं तो हामिद खाँ को यकीन नहीं हुआ और उसने लेखक से पुछा की क्या वह हिन्दू होकर भी एक मुस्लमान होटल में खाना खाएँगे | लेखक ने उसे बताया कि हिन्दुस्तान में जब भी किसी को बढ़िया चाय पीनी हो या अच्छा पुलाव खाना हो तो लोग मुसलमानी होटल में ही जाते हैं | उन्होंने बताया की भारत में मुसलमानों ने जिस पहली मस्जिद का निर्माण किया था वह लेखक के ही राज्य में हैं | लेखक ने उन्हें यह भी बताया की भारत में जहाँ वह रहते हैं वहाँ हिन्दू – मुसलमान मिल – जुलकर रहतें हैं और दंगे न के बराबर होते हैं | यह सब सुनकर हामिद खाँ को यकीन नहीं हुआ पर वह यह सब खुद अपनी आँखों से देखना चाहता था |
3. हामिद खाँ को लेखक की किन बातों पर विश्वास नहीं हो रहा था ?
उत्तर - लेखक ने हामिद खाँ को बताया की भारत में हिन्दू – मुसलमान मिलकर रहते हैं और दंगे भी न के बराबर होते हैं | वहाँ अच्छी चाय पीने और पुलाव खाने के लिए लोग मुसलमानी होटल में जाते हैं | पाकिस्तान में हिन्दू - मुसलमान रिश्तों में भिन्नता थी और उनमें बहुत दूरियाँ भी थीं | इसी कारण हामिद खाँ को लेखक की बातों पर विश्वास नहीं हुआ |
4. हामिद खाँ ने खाने का पैसा लेने से इंकार क्यों किया?
उत्तर - हामिद खाँ लेखक और उनकी बातों से बहुत प्रभावित था की भारत में हिन्दू – मुसलमान कितने प्रेमपूर्वक रहते हैं | उसे इस बात की भी बहुत प्रसन्नता थी की लेखक हिन्दू होते हुए भी उसकी दुकान पर खाना खाने आए | लेखक हामिद खाँ के मेहमान थे और वह चाहता था की लेखक अपने भाई हामिद खाँ को भारत जाकर भी याद करें, इसी कारण हामिद खाँ ने लेखक से खाने का पैसा लेने से इंकार कर दिया |
5. मालाबार में हिन्दू – मुसलमानों के परस्पर संबंधों को अपने शब्दों में लिखिए |
उत्तर - मालाबार में मुसलमानों द्वारा भारत में बनाई गई पहली मस्जिद स्थित है | वहाँ हिन्दू – मुसलमान आपस में प्रेमपूर्वक रहते हैं और धर्म के नाम पर दंगे न के बराबर होते हैं | वहाँ बढ़िया खाना खाने के लिए हिन्दू मुसलमानी होटल में जाते हैं और हिन्दू – मुसलमान में आपसी भाईचारा और मिलनसार संबंध हैं |
6. तक्षिला में आगजनी की ख़बर पढ़कर लेखक के मन में कौन–सा विचार कौंधा? इससे लेखक के स्वभाव की किस विशेषता का परिचय मिलता है?
उत्तर - जब लेखक ने तक्षिला में आगजनी की ख़बर पढ़ी तो लेखक को तुरंत हामिद खाँ का ध्यान आया | लेखक एक बार गर्मियों में तक्षिला के खंडहर घूमने गए थे और वहीं हामिद खाँ ने लेखक की मेहमान नवाज़ी में कोई कसर नहीं छोड़ी थी और उनसे खाने के पैसे भी नहीं लिए थे | लेखक को वहाँ बहुत अपनेपन का एहसास हुआ इसिलिए खबर पढ़ते हीं लेखक को अपने भाई हामिद खाँ की चिंता होने लगी और उन्होंने हामिद खाँ के लिए प्रार्थना भी की | इससे लेखक के धर्मनिरपेक्ष और धार्मिक–एकता के स्वभाव का परिचय मिलता है | लेखक के मन में हिन्दू – मुसलमान के प्रति कोई भेद – भाव की भावना नहीं थीं और वह बराबरी में विश्वास रखते थे |
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