CBSE CLASS 9 HINDI CHAPTER-2 एवरेस्ट: मेरी शिखर यात्रा (EVEREST : MERI SHIKHAR YATRA) NOTES AND EXERCISE QUESTIONS & ANSWERS
Language: en
CBSE Class-9 Hindi Chapter-3
एवरेस्ट: मेरी शिखर यात्रा (Everest : Meri Shikhar Yatra) Notes and Exercise Questions/Answers
मौखिक
निम्नलिखित प्रश्नो के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-
प्रश्न-1 अग्रिम दल का नेतृत्व कौन कर रहा था?
उत्तर- अग्रिम दल का नेतृत्व अभियान दल के उपनेता प्रेमचंद्र कर रहे थे।
प्रश्न-2 लेखिका को सागरमाथा नाम क्यों अच्छा लगा?
उत्तर- ‘सागरमाथा ’का तात्पर्य है समुन्द्र का माथा अर्थात सबसे ऊँचा स्थान। हिमालय के सबसे ऊँचे पर्वत को सागरमाथा कहना पूरी तरह सार्थक था। इस लिए लेखिका को यह नाम अच्छा लगा।
प्रश्न-3 लेखिका को ध्वज जैसा क्या लगा?
उत्तर - लेखिका को ध्वज जैसा वह बड़ा सा बर्फ का फूल(प्लूम) लगा जो पहाड़ के शिखर पर 150 किलो मीटर अधिक तेज हवा के चलने और बर्फ के उड़ने से बनता है।
प्रश्न-4 हिमस्खलन से कितने लोगों की मृत्यु हुई और कितने घायल हुए?
उत्तर- हिमस्खलन से चार शेरपा कुलियों को चोट लगी थी। एक की मृत्यु भी हो गई ।
प्रश्न-5 मृत्यु के अवसाद को देखकर कर्नल खुल्लर ने क्या कहाँ?
उतर - पर्वतारोहियों में से दो व्यक्तियों की मृत्यु की बात सुनकर अन्य आरोहियो के चेहरे पर आए अवसाद को देखकर कर्नल खुल्लर ने कहा कि एवरेस्ट जैसे महान अभियान के खतरों और कभी-कभी तो मृत्यु को भी आदमी को सहज भाव से स्वीकारना चाहिए I
प्रश्न-6 रसोई सहायक की मृत्यु कैसे हुई?
उत्तर- रसोई सहायक की मृत्यु जलवायु अनुकूल न होने के कारण हुई I
प्रश्न-7 कैम्प-चार कहाँ और कब लगाया गया?
उत्तर- कैम्प चार साऊथकोल जो ‘पृथ्वी पर बहुत अधिक कठोर’ जगह के नाम से प्रसिद्धि है, वे 29 अप्रैल, 1984 को लगाया गया I
प्रश्न-8 लेखिका ने शेरपा कुली को अपना परिचय किस तरह दिया?
उत्तर- लेखिका ने शेरपा कुली को अपना परिचय एक नौसिखिया पर्वतारोही के रूप में दिया I
प्रश्न-9 लेखिका की सफलता पर कर्नल खुल्लर ने उसे किन शब्दों में बधाई दी ?
उत्तर- लेखिका की सफलता पर बधाई देते हुए कर्नल खुल्लर ने कहाँ “मै तुम्हारी इस अनूठी उपलब्धि के लिए तुम्हारे माता-पीता को बधाई देना चाहूंगा। ” उन्होंने यह भी कहाँ कि देश को तुम पर गर्व है अब तुम ऐसे संसार में वापस जाओगे,जो तुम्हारे अपने पीछे छोड़े हुए संसार से एक कदम भिन्न होगा।
लिखित
(क) निम्नलिखित प्रश्नो के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए -
प्रश्न-1 नजदीक से एवरेस्ट को देखकर लेखिका को कैसा लगा?
उत्तर- एवरेस्ट को नजदीक से देखकर लेखिका को इतना अच्छा लगा कि वह भौंचक्की होकर देखती रही। वह ल्होत्से और नुत्से की ऊंचाइयों से घिरी बर्फीली टेढ़ी-मेढ़ी नदी को निहारती रहीं I
प्रश्न2 - डॉ मीनू मेहता ने क्या जानकारियाँ दी?
उत्तर- डॉक्टर मीनू मेहता ने अभियान दल के सदस्यों को आल्यूमिनियम की सीढ़ियों से अस्थायीपूल बनाने के लिए लट्ठों और रस्सियों का उपयोग करने,बर्फ की आडी-तिरछी दीवारों पर रस्सियाँ बांधने जैसे अनेक अभियांत्रिक कार्यो की जानकारी दी।
प्रश्न-3 तेनजिंग ने लेखिका की तारीफ में क्या कहाँ?
उत्तर- तेनजिंग ने लेखिका की प्रशंसा में निम्नलिखित शब्द कहे - “ तुम एक पक्की पर्वतारोही लड़की लगती हो। तुम्हे तो शिखर पर पहले ही प्रयास में पहुँच जाना चाहिए। ”
प्रश्न- 4 लेखिका को किनके साथ चढ़ाई करनी थी?
उत्तर- लेखिका को अगले दिन जय और मीनू के साथ चढ़ाई करनी थी। वे भारी बोझ लेकर धीरे धीरे बिन आक्सीजन के चढाई कर रहे थे, जो अभी तक लेखिका के पास नहीं आ सके थे।
प्रश्न- 5 लोपसांग ने तम्बू का रास्ता कैसे साफ़ किया?
उत्तर- लोपसांग ने स्विस छड़ी की सहायता से तम्बू का रास्ता साफ़ किया। उसने बड़े-बड़े हिमपिण्डो को सामने से हटाया तथा चारों तरफ फैली बर्फ की खुदाई की । तब जा कर बाहर निकलने का रास्ता साफ़ हो सका।
प्रश्न-6 साऊथ कोल कैम्प पहुँचकर लेखिका ने अगले दिन की महत्वपूर्ण चढ़ाई की तैयारी कैसे शुरू की?
उत्तर- साऊथ कोल कैम्प पहुँचकर लेखिका अगले दिन की तैयारी करने के लिए सुबह चार बजे उठ गई, बर्फ पिघलाया और चाय बनाई। कुछ बिस्कुट और आधी चॉकलेट का नास्ता करने के बाद वह सवेरे पाँच बजे तम्बू से निकल पड़ी I
ख) निम्नलिखित प्रश्नो के उत्तर(50-60 शब्दों में) लिखिए।
प्रश्न-1 उपनेता प्रेमचंद्र ने किन स्थितियों से अवगत कराया?
उत्तर- उपनेता प्रेमचंद्र ने अभियान दल को खंभू हिमपात की स्थिति की जानकारी देते हुए कहाँ की उनके दल ने कैम्प (एक जो हिमपात के ठीक ऊपर है) वहाँ तक का रास्ता साफ़ कर दिया है और पूल बनाकर रस्सियाँ बांधकर तथा इंडियो से रास्ता चिन्हित कर सभी बड़ी कठनाईयों का जायजा ले लिया गया है I उन्होंने इस पर भी ध्यान दिलाया की ग्लेशियर बर्फ की नदी है और बर्फ का गिरना अभी जारी है। हिमपात में अनियमित और अनिश्चित बदलाव के कारण अभी तक के किये गए सभी काम व्यर्थ हो सकते है और हमें रास्ता खोलने का काम दोबारा करना पड़ सकता है I
प्रश्न-2 हिमपात किस तरह होता है और उससे क्या क्या परिवर्तन आते है?
उत्तर- बर्फ के खंडो का अव्यवस्थित ढंग से गिरना ही हिमपात कहलाता है। ग्लेशियर के बहने से बर्फ में हलचल मच जाती है I इस कारण बर्फ की बड़ी-बड़ी चट्टानें तत्काल गिर जाती है। इस अवसर पर स्थिति ऐसी खतरनाक हो जाती है कि धरातल पर दरार पड़ने की संभावना बढ़ जाती है अक्सर बर्फ में गहरी-चौड़ी दरारे बन जाती है। हिमपात से पर्वतारोहियों की कठनाईया बहुत अधिक बढ़ जाती है।
प्रश्न-3 लेखिका ने तम्बू में गिरे बर्फ पिण्ड का वर्णन किस तरह किया है?
उत्तर- लेखिका ने तम्बू में गिरे बर्फ पिण्ड का वर्णन करते हुए कहाँ है कि वह ल्होत्से को बर्फीली सीधी ढलान पर लगाए गए नाइलॉन के तम्बू के कैम्प-तीन में थी उसके तम्बू में लोपसांग और तशरिंग थे। अचानक रात साढ़े बारह बजे उसके सर से कोई सख्त चीज टकराई और उसकी नींद खुल गई। तभी एक जोरदार धमाका हुआ। और उसे लगा की एक ठंडी चीज इसके शरीर को कुचलती चली जा रही थी I इससे उसे साँस लेने में कठिनाई होने लगी।
प्रश्र-4 लेखिका को देख कर 'की' हक्का बक्का क्यों रह गया?
उत्तर- की बचेंद्री पाल का पर्वतारोही साथी था। उसे भी बचेंद्री के साथ पर्वत शिखर पर जाना था। शिखर कैम्प पर पहुँचने में उसे देर हो गई थी I तब वह सामान ढ़ोने के कारण वह पीछे रह गया था।
की को लेखिका की हिम्मत पर आश्चर्य हो रहा था। लेखिका को अभी ऊपर की चढ़ाई करनी थी लेकिन वह थकान की परवाह किए बिना अन्य साथियों की तलाश में नीचे आ गई थीं। लेखिका ने सबके लिए चाय भी बनाई थी। इसलिए की हक्का बक्का रह गया था।
प्रश्न-5 एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए कुल कितने कैम्प लगाए गए?
उत्तर- पाठ से ज्ञात होता है की एवरेस्ट पर चढ़ाई के लिए कुल पाँच कैम्प बनाए गए थे। उनके दल का पहला कैम्प 6000 मीटर की ऊँचाई पर था जो कि हिमपात के ठीक ऊपर था। दूसरा कैम्प-टीम ल्होत्से की बर्फीली सीधी ढलान पर बनाया गया था। यहाँ पर नाइलॉन के तम्बू लगाए गए थे। एक कैम्प साऊथ कोल पर बनाया गया था यहाँ से अभियान दल को एवरेस्ट पर चढ़ाई करनी थी I इसके अलावा एक बेस कैम्प भी बनाया गया था I
प्रश्न-6 चढ़ाई के समय एवरेस्ट की चोटी की स्थिति कैसी थी?
उत्तर- जब बचेंद्रीपाल एवरेस्ट की चोटी पर पहुँची तो वहाँ चारों ओर तेज़ हवा के कारण बर्फ उड़ रही थी। बर्फ इतनी अधिक थी की सामने कुछ नहीं दिखाई दे रहा था। पर्वत की शंकु चोटी इतनी तंग थी की दो आदमी वहाँ एक साथ खड़े नहीं हो सकते थे। निचे हजारो मीटर तक ढलान ही ढलान था। अतः वहाँ अपने आपको स्थिर खड़ा करना बहुत कठिन था I उन्होंने बर्फ को फावड़े से बर्फ ताड़कर अपने टिकने योग्य स्थान बनाया I
प्रश्न-7 सम्मिलित अभियान में सहयोग एवं सहायता की भावना का परिचय बचेंद्रीपाल के किस कार्य से मिलता है?
उत्तर- एवरेस्ट पर विजय पाने के अभियान के दौरान लेखिका बचेंद्रीपाल अपने साथियो ‘जय’ और ‘मीनू’ के साथ चढ़ाई कर रही थी। परन्तु वह इससे पहले साऊथ कोल कैम्प पर जा पहुँची क्योकि वे बिना ऑक्सीजन के भरी बोझ लाद चढ़ाई कर रहे थे। लेखिका ने दोपहर के बाद इन सदस्यों की मदद करने के लिए एक थरमस को जूस से और दूसरे को गरम चाय से भर लिया था और बर्फीली हवा में कैम्प से बाहर निकल कर उन सदस्यों की ओर नीचे उतरने लगी उसके कार्य से सहयोग एवं सहायता का भावना का परिचय मिलता है।
ग) निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए-
प्रश्न-1 एवरेस्ट जैसे महान अभियान में खतरों को और कभी-कभी तो मृत्यु भी आदमी को सहज भाव से स्वीकार करनी चाहिए I
उत्तर- एवरेस्ट की सर्वोच्च चोटी पर चढ़ना एक महान अभियान है I इसमें पग-पग में जान जाने का खतरा। अतः यदि ऐसा कठिन कार्य करते हुए मृत्यु भी हो जाए तो उसे सहज घटना के रूप में लेना चाहिए।
प्रश्न-2 सीधे धरातल पर दरार पड़ने का विचार और इस दरार का गहरे और चौड़े हिम विदर में बदल जाने का मात्र ख्याल ही बहुत डरावना था। इससे भी ज्यादा भयानक इस बात की जानकारी थी कि हमारे सम्पूर्ण प्रयास के दौरान,हिमपात लगभग एक दर्जन आरोहियों और कुलियों को प्रतिदिन छूता रहेगा I
उत्तर- आशय यह है की ग्लेशियर के बहने से बर्फ में हलचल होने से बर्फ की बड़ी बड़ी चट्टानें अचानक गिर जाती है इससे धरातल पर दरार पड़ जाती है I ये दरारें हिम-विदर में बदल जाती हैं जो पर्वतारोहियों की मृत्यु का कारण बन जाती है। इसे सोच कर ही मन में भय पैदा हो जाता है। और यह जानकारी पर्वतारोहियों को पहले ही मिल गई थी कि इस अभियान दल को अपने अभियान के दौरान ऐसे हिमपात का सामना करना ही पड़ेगा।
प्रश्न-3 बिना उठे ही मैंने अपने थैले से दुर्गा माँ का चित्र और हनुमान चालीसा निकाला। मैंने इनको अपने साथ लाए लाल कपड़े में लपेटा , छोटी सी पूजा अर्चना की और इनको बर्फ में दबा दिया। आनंद के इस क्षण में मुझे अपने माता पिता का ध्यान आया।
उत्तर- जब बचेंद्रीपाल हिमालय की चोटी पर सफलतापूर्वक पहुँच गई तो उसने घुटने के बल बैठकर बर्फ़ को माथे से छूआ। बिना सिर नीचे झुकाये हुए ही अपने थैले से दुर्गा माँ का चित्र और हनुमान चालीसा निकाला। उसने इन्हे एक लाल कपड़े में लपेटा। थोड़ी सी पूजा की। फिर दुर्गा माँ का चित्र तथा हनुमान चालीसा को बर्फ में दबा दिया। उस समय उसे बहुत आनंद मिला। उसने प्रसन्नता पूर्वक अपने माता पीता को याद किया।
भाषा अध्ययन
1. इस पाठ में प्रयुक्त निम्नलिखित शब्द की व्याख्या पाठ का सन्दर्भ देकर कीजिए I
निहारा है -(बहुत ध्यान से विस्मय के साथ देखना)
लेखिका ने नमचे बाजार-पहुँचकर एवरेस्ट पर चढ़ाई करने से पूर्व उसे निहारा I
धसकना- (नीचे धंस या दब जाना)
बर्फ की भारी चट्टानें जब बर्फीली धरातल पर गिरती है तो धरातल धसक जाता है I
सागरमाथा (सागर का माथा अर्थात् एवरेस्ट)
लेखिका को एवरेस्ट का दूसरा नाम सागरमाथा पसंद आया, जो नेपालियों को पसंद है।
जायज़ा लेना (नया सिखने वाला)
एवरेस्ट अभियान के समय अग्रिम दल ने पुल बनाकर, रस्सियाँ बाँधकर सभी बड़ी कठनाईयों का जायज़ा ले लिया था।
नौसिखिया- (नया सिखने वाला)
एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने वाले प्रथम व्यक्ति का गौरव पाने वाले तेनजिंग से लेखिका ने खुद को नौसिखिया कहा।
2. निम्नलिखित पंक्तियों में उचित विराम चिन्ह् का प्रयोग कीजिए -
1 . उन्होंने कहा तुम एक पक्की पर्वतारोही लड़की लगती हो तुम्हे तो शिखर पर पहले ही प्रयास में पहुँच जाना चाहिए
उत्तर- उन्होंने कहा, “तुम एक पक्की पर्वतारोही लड़की लगती हो। तुम्हे तो शिखर पर पहले ही प्रयास में पहुँच जाना चाहिए।"
2. क्या तुम भयभीत थीं
उत्तर- “क्या तुम भयभीत थीं?”
3. तुमने इतनी बड़ी जोखिम क्यों ली बचेंद्री
उत्तर- “तुमने इतनी बड़ी जोखिम क्यों ली बचेंद्री?”
3. निचे दिए गए उदाहरण के अनुसार निम्नलिखित शब्द युग्मो का वाक्य में प्रयोग कीजिये -
उदाहरण
वॉकी-टॉकी:- हमारे पास एक वॉकी-टॉकी थी।
टेढ़ी-मेढ़ी:- एवरेस्ट की बर्फीली चोटियाँ बर्फ की टेढ़ी मेढ़ी नदी सी लग रही थी I
गहर-चौड़े:- पहाड़ी रास्ते में पड़ने वाले गहरे-चौड़े नाले देखकर मन भयभीत हो रहा था I
आस-पास:- रेगिस्तान के आस-पास कोई भी पेड़ नहीं दिखाई दे रहा था।
हक्का-बक्का:-अचानक सेना द्वारा घेरे जाने से आतंकवादी हक्के-बक्के रह गए।
इधर-उधर:- जंगल रास्ते पर इधर-उधर देखकर चलना चाहिए I
लंबे-चौड़े:- चुनाव के समय नेतागण बड़े लम्बे चौड़े वादे करके जनता को बहलाते है I
4. उदाहरण के अनुसार विलोम शब्द बनाइए-
उदाहरण - अनुकूल-प्रतिकूल
1. नियमित - अनियमित
2. विख्यात - कुख्यात
3. आरोही - अवरोही
4. निश्चित - अनिश्चित
5. सुन्दर - कुरूप
5. निम्नलिखित शब्दों में उपर्युक्त उपसर्ग लगाइए -
जैसे- पुत्र - सुपुत्र
वास, व्यवस्थित, कूल, गति, रोहण, रक्षित
उत्तर-
आ + वास = आवास
अ + व्यवस्थित = अव्यवस्थित
प्रति + कूल = प्रतिकूल
दूर + गति = दुर्गति
अव + रोहण = अवरोहण
सु + रक्षित = सुरक्षित
6. निम्नलिखित क्रिया विशेषण का उचित प्रयोग करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए -
क) मै अगले दिन यह कार्य कर लूँगा।
ख) बादल घिरने के कुछ देर बाद ही वर्षा हो गई।
ग) उसने बहुत कम समय में इतनी तरक्की कर ली।
घ) नाडकेसा को सुबह तक गाँव जाना था।