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- गद्य १. श्रम की प्रतिष्ठा (निबंध) - विनोबा भावे
- Shram Ki Pratistha ( श्रम की प्रतिष्ठा ) Class 9 Hindi Chapter 7 - Question & Answer
Last Updated: January 3, 2023
Shram Ki Pratistha ( श्रम की प्रतिष्ठा ) Class 9 Hindi Chapter 7 - Question & Answer
Language: Hindi
श्रम की प्रतिष्ठा 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो – तीन वाक्यों में दीजिए | क. कर्मयोगी होने पर कौन – सा फायदा मिलता है ? उ : कर्म योगी होने पर यह फायदा मिलता है की कर्मयोगी जीवन में पाप का आसानी से प्रोवेस नहीं हो सकता | दिन भर कर्म करने हेतु पाप चिंतन को समय नहीं मिलता और रात को धोखा मांदा शरीर आराम चाहता है | वे श्रम से रोजी-रोटी कमाते है | ख. फुरसती लोगों को कर्मयोगी क्यों कहा नहीं जा सकता ? उ : फुर्सती लोगों के जीवन में पाप दिखाता है | उसके पास समय फाजिल पड़ा है | न इससे शैतान का काम शुरू होता है | बे श्रम को टालता है वह कोई प्रकार के व्यसन में होते हैं इसलिए उसको कर्मयोगी कहा नहीं जा…
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